मौसी की चुदाई 3
- June 5, 2026
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मौसी की चुदाई 2 फिर कुछ देर बाद मुझे महसूस हुआ कि अब मौसी ने भी नीचे से अपने कूल्हों को उछालना शुरू कर दिया था और उनके
मौसी की चुदाई 2 फिर कुछ देर बाद मुझे महसूस हुआ कि अब मौसी ने भी नीचे से अपने कूल्हों को उछालना शुरू कर दिया था और उनके
फिर कुछ देर बाद मुझे महसूस हुआ कि अब मौसी ने भी नीचे से अपने कूल्हों को उछालना शुरू कर दिया था और उनके बूब्स मेरे हर एक धक्के के साथ हिल रहे थे, जो मुझे बहुत मस्त मज़ा दे रही थी ऊफफफफ्फ़ वाह क्या मनमोहक द्रश्य था? तभी मुझे लगा कि में अब झड़ने वाला हूँ इसलिए मैंने कहा कि मौसाजी मुझे ऐसा लगता है कि में अब झड़ जाऊंगा, आप ही मुझे बताए कि में क्या करूं। तो वो मुझसे कहने लगी कि तुम आज अपनी मौसी के मुहं पर ही झड़ जाओ, मुझे ऐसे बड़ा मज़ा आएगा और फिर उसी समय बिना देर किए मैंने अपना लंड उनकी चूत से बाहर निकालकर उनके मुहं पर अपने लंड का पूरा पानी निकाल दिया
आअहह ऊओह्ह्ह्ह मेरे ऐसा करने से वो बहुत खुश नजर आ रही थी, लेकिन वो अभी तक झड़ी नहीं थी और इसलिए मौसाजी ने अपना लंड उनकी चूत में डालकर अपनी तरफ से धक्के लगाने शुरू कर दिए। लंड बड़ी ही आसानी से चूत के अंदर बाहर हो रहा था, जिसकी वजह से सारे रूम में अब फच फच की आवाज आ रही थी और मेरा लंड यह चुदाई का द्रश्य देखकर एक बार फिर से तनकर खड़ा होने लगा था।
में अब अपने मौसाजी के पीछे आकर उनकी गांड पर अपना लंड घुमाने लगा था, जिसकी वजह से मेरा लंड भी अब धीरे धीरे सख्त होने लगा था और मौसाजी लगातार धक्के मार रहे थे। फिर मौसी ने भी अब अपनी गांड को उठाकर एक थोड़ा ज़ोर का धक्का मारा जिसकी वजह से मेरा लंड मौसाजी की गांड में चला गया। तभी वो मुझसे कहने लगे कि अब तुम इसको बाहर मत निकालना नहीं तो मुझे बहुत दर्द होगा बेटा तुम अब मुझे लगातार धक्के मारते रहो और मुझे भी अपने लंड का दम दिखाओ।
मैंने अब उनके कहने पर अपनी तरफ से तेज स्पीड से धक्के मारने शुरू कर दिए और कुछ देर बाद मेरा लंड बड़ी आसानी से गांड के अंदर बाहर होने लगा था, लेकिन कुछ देर बाद में अपने मौसाजी की गांड में ही झड़ गया और इस बार हम तीनों ही एक साथ झड़ गए जिसकी वजह से हम सभी को पूरा मज़ा आया और हम तीनों वहीं बेड पर ही थककर नंगे लेटे रहे। दोस्तों में अपनी मौसी के जिस्म से खेल रहा था।
में उनके बूब्स के साथ साथ चूत को भी सहला रहा था और उनकी चूत में अपनी ऊँगली को डालकर धीरे धीरे अंदर बाहर करके चूत की गहराई को नाप रहा था और मेरे मौसाजी मेरे लंड को सहला रहे थे और मेरी मौसी के हाथ में उनके पति का लंड था जिसको हिलाकर नींद से जगाने का प्रयास कर रही थी।
अब मौसा जी ने मुझसे कहा कि तुमने चुदाई करने से पहले कहा कि तुम्हे यह सब करना नहीं आता, लेकिन तुम तो इस काम में बहुत अनुभवी और बहुत देर तक तेज दमदार धक्के देकर चुदाई के मज़े देने वाले निकले, तुमने तो हमारी उम्मीद से भी ज्यादा हम दोनों को वो चुदाई का मज़ा दिया जिसके बारे में हमें बिल्कुल भी विश्वास नहीं था और तुम्हे इस काम का बहुत अच्छा अनुभव है.
और तुम्हारी चुदाई से कोई भी प्यासी चूत एक ही बार में ठंडी हो सकती है, देखो आज कितने दिनों के बाद तुम्हारी मौसी इस लंड की चुदाई की वजह से कैसे खिल उठी है, तुम्हे उसके चेहरे की चमक को देखकर उसकी ख़ुशी का अंदाजा हो जाएगा कि उसको तुम्हारी चुदाई की वजह से कितनी संतुष्टि आज बड़े दिनों के बाद मिली है और फिर उन्होंने मुझे किसी को बताने के बारे में मना किया,
लेकिन मेरा मन तो कुछ और ही था। दोस्तों में उनकी बड़ी वाली लड़की जिसका नाम सविता है, में उसको भी एक बार चोदना चाहता था और फिर मैंने थोड़ी सी हिम्मत करके उनसे कहा कि मुझे सविता की भी चुदाई करनी है। फिर वो दोनों मेरे मुहं से यह शब्द सुनकर एकदम चकित हो गये जिसकी वजह से उनकी आखें और मुहं मेरे मुहं से यह बात सुनकर फटा का फटा रह गया और अब मौसी मुझसे समझाते हुए मुझसे बोली कि बेटा, लेकिन वो तो तेरी बहन है तू कैसे उसके साथ यह सब कर सकता है
और अगर तुझे इतना ही चुदाई का जोश चड़ा है तो तू जब भी तेरा मन करे मेरी चूत में अपने लंड को डालकर तेरे इस लंड को ठंडा कर लेना में तुझसे इस काम के लिए कभी मना नहीं करूंगी और ना ही तेरे से तेरे मौसाजी कुछ कहेंगे, तेरी मर्जी पड़े वैसे तू मेरी चूत मार, चाहे मेरी गांड मार लेना तुझे यहाँ पर रोकने वाला कोई भी नहीं है और में भी तुझे चुदाई के बहुत सारे नये नये तरीके बताकर तुझे और भी ज्यादा अनुभवी बनने में तेरी पूरी मदद करूंगी।
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अब में उनसे बोला कि हाँ मौसी मेरी जान में अब तुम्हारी चुदाई तो समय समय पर करता ही रहूँगा, क्योंकि एक बार में मेरा मन नहीं भरा है, लेकिन तुम भी तो मेरी मौसी हो और जब मैंने तुम्हे ही चोद लिया और तुम्हारे सामने मौसाजी की गांड भी मार ली तो अब सविता की चुदाई करने में ऐसा क्या बुरा है, में उसकी चुदाई क्यों नहीं कर सकता? दोस्तों वो दोनों मेरे मुहं से वो सभी बातें सुनकर थोड़ा सा सोच में पड़ गए,
क्योंकि मैंने उनको एकदम सही बात कही थी, लेकिन अब हो भी क्या सकता था? इसलिए मौसी ने कुछ देर सोचने के बाद मुझसे कहा कि हाँ ठीक है कोई अच्छा मौका देखकर हम तुझे एक बार चुदाई के लिए सविता की चूत भी दिलवा देंगे, लेकिन यह सभी बातें हमारे अलावा किसी को पता नहीं चलनी चाहिए।
अब में ख़ुशी से पागल होकर झूम उठा और में बोल पड़ा कि हाँ ठीक है मौसी में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ मौसाजी आप बहुत अच्छे हो और मेरी तरफ से आप दोनों को कोई भी शिकायत का मौका नहीं मिलेगा, सविता की चुदाई के लिए हाँ कहने के लिए मेरी तरफ से आप दोनों को बहुत बहुत धन्यवाद।
फिर में ख़ुशी ख़ुशी उनके कमरे से अपने कपड़े ठीक करके वापस बाहर आकर बाथरूम जाकर दोबारा अपनी जगह पर पहुंचकर अब में सविता की चुदाई के सपने देखता हुआ ना जाने कब गहरी नींद में चला गया। फिर दोस्तों इस तरह मैंने उस रात को अपनी चुदक्कड़ मौसी की चूत और मौसाजी की गांड मारने के बाद उनकी बेटी सविता की चुदाई के बारे में भी उन दोनों से बात करके अब उसकी चुदाई के सपने देखने लगा था ।