June 5, 2026
मौसी की चुदाई

मौसी की चुदाई 2

  • June 5, 2026
  • 0

मौसी की चुदाई -1 और इधर वो सब देखकर मेरा जोश की वजह से बड़ा बुरा हाल हो रहा था। में अब अपने लंड को एक हाथ में

मौसी की चुदाई -1

और इधर वो सब देखकर मेरा जोश की वजह से बड़ा बुरा हाल हो रहा था। में अब अपने लंड को एक हाथ में लेकर हिलाने लगा था कि तभी उसी समय मेरे हाथ से वो खिड़की का पल्ला पूरा खुल गया और उसी समय अचानक से मौसाजी की नज़र मेरे ऊपर पढ़ गयी। अब मेरा तो शरम और घबराहट से बड़ा बुरा हाल हो गया था। में वहाँ से वापस ऊपर जाने लगा था, लेकिन तभी मौसाजी ने मुझे आवाज़ दी और उन्होंने मुझे अपने कमरे में बुला लिया।

मैंने देखा कि तब तक भी वो दोनों पूरे नंगे ही थे और उन दोनों को मुझे अपने सामने खड़ा हुआ देखकर भी थोड़ी सी भी शरम नहीं आ रही थी और जबकि शरम की वजह से मेरा लंड भी अब सिकुड़कर दो इंच का हो गया था। फिर मौसाजी मुस्कुराते हुए मुझसे बोले कि तुम इतना शरमाओ मत, मुझे पता है कि इस उम्र में यह सब सभी के साथ होता है किसी को छुपकर देखना अच्छा लगता है 

तो कोई बिना डर संकोच अपने मन की बात बताकर चुदाई के मज़े ले लेता है, क्या तुमने कभी किसी के साथ यह सब किया है? तो मैंने भी बिना डरे कहा कि नहीं मुझे ऐसा कोई मौका अब तक नहीं मिला जिसका में फायदा उठा सकता था। अब वो खुश होकर मुझसे पूछने लगे कि क्या तुम्हे यह सब करना है? में अब उनके कहने का कुछ भी मतलब नहीं समझा, लेकिन तभी उन्होंने मुझे बताया कि तुम्हारी मौसी और में खुद ही कोई ऐसा तीसरा आदमी हमारे साथ सेक्स करने के लिए ढूंढ रहे थे,

जिसके साथ हम दोनों मिलकर पूरे पूरे मज़े ले सके और अब हम दोनों को तुमसे अच्छा और कौन मिलेगा? तुम्हारे साथ यह सब करने की वजह से किसी को बाहर पता भी नहीं चलेगा और हम तीनों का काम भी ठीक तरह से हो जाएगा, क्यों बोलो ना क्या तुम्हे यह काम करना है? अब मैंने शरमाते हुए कहा कि हाँ और फिर उन्होंने मेरी मौसी से मेरे लंड की इशारा करते हुए कहा कि देखो इसका लंड कैसे छोटा हो गया है? तुम इसको ज़रा बड़ा तो कर दो और मौसाजी के मुहं से इतना सुनकर मौसी अब उठकर मेरे पास चली आई।

फिर मैंने देखा कि उनकी चूत बाल साफ होने की वजह से एकदम साफ होकर चिकनी और वो बड़ी चमक भी रही थी। मौसी ने आगे बढ़कर मेरा लंड अपने हाथ में ले लिए और वो अब लंड को अपने मुलायम हाथ से आगे पीछे करने लगी थी। उनके ऐसा करने की वजह से मेरी साँसे तेज़ होने लगी थी और वो काम करते हुए उनका एक हाथ मेरी छाती पर भी घूमने लगा थी। फिर मैंने भी अब हिम्मत करके अपने दोनों हाथों को आगे बढ़ाकर मौसी को अपने बदन पर कस लिया।

वो मेरी बाहों में थी इसलिए अब उनके वो एकदम गोल बूब्स मेरे छोटे आकार के निप्पल से छूकर दब रहे थे और ज़ोर से बाहों में भरने की वजह से मेरा लंड भी अब उनकी चिकनी चूत पर छू रहा था। में बहुत अच्छी तरह से मौसी की चूत की गरमी को अपने लंड से महसूस कर रहा था। तभी मौसाजी भी मेरे पीछे से आकर हम दोनों से चिपक गये। इसलिए उनका पांच इंच का लंड गरम होकर मेरे कूल्हों पर लग रहा था।         

दोस्तों मुझे अब लग रहा था कि कुछ देर तक अगर ऐसा ही चलता रहा तो में अभी ही झड़ जाऊंगा और इसलिए में उन दोनों के बीच से निकलने की कोशिश करने लगा था और अब मैंने अपने मौसा जी से कहा कि पहले आप मुझे मौसी की चूत मारकर दिखाए जिसे देखकर में वो सब करना सीख जाऊँगा और फिर में भी आपकी तरह मौसी की मस्त चुदाई करूंगा। अब उन्होंने मुझसे कहा कि में तो तुम्हे ऐसे ही सब कुछ अच्छी तरह से करना सिखा दूँगा।

फिर मुझसे यह बात कहकर उन्होंने मौसी को इशारा करके बेड पर लेटने के लिए कहा और फिर मुझे वो मेरी मौसी की चूत को चूसने के लिए कहने लगे। दोस्तों में उनके कहने पर अब अपनी मौसी की चूत के पास अपने मुहं को ले जाकर ठीक वैसा ही करने लगा था, लेकिन मुझे वो काम करना शुरू में थोड़ा सा अजीब लगा, लेकिन जब मैंने कुछ देर चूत को ऊपर से चाटने के बाद जब अपनी जीभ को मैंने उनकी चूत के अंदर डाला तो मुझे ऐसा करने में बहुत मस्त मज़ा आया।     

में चूत को चूसता रहा और मौसी जोश में आकर सिसकियाँ भरने लगी थी। उनके मुहं से ऊऊहहह्ह्ह आह्ह्हह्ह हाँ बेटे और ज़ोर से चूस ऊफ्फ्फ्फ़ वाह मज़ा आ गया हाँ तुम ऐसे ही करते रहो तुम बहुत अच्छा कर रहे हो। दोस्तों मैंने देखा कि अब मौसी के दोनों पैरों को मौसाजी ने पूरा फैलाकर पकड़ रखा था और उनका लंड मौसी के माथे पर छू रहा था। मेरा तो जोश की वजह से बड़ा बुरा हाल था इसलिए अब मैंने अपने एक हाथ से मौसी के बूब्स को दबाना भी शुरू कर दिया था,

यह कहानी आप https://hindisexstories.online/ में पढ़ रहे।

जिसकी वजह से पूरे कमरे में मौसी की वो सिसकियों की आवाज़ गूंजने लगी थी, वो आअहह उह्ह्ह्ह हाँ ज़ोर से दबाकर तू इनका दूध निकाल दे, दबा इनको ज़ोर से स्स्सीईईइ वाह मज़ा आ गया तू बहुत अच्छा है हाँ ऐसे ही करता चल मुझे मस्त मज़ा आ रहा है। दोस्तों मेरा लंड अब और नहीं रुक सकता था, इसलिए में अब वो सब काम छोड़कर उनकी चूत को अपने एक हाथ से फैलाकर में अपने लंड को चूत के मुहं पर रखकर अंदर डालने लगा था।

फिर मुझे यह सब करता हुआ देखकर मौसाजी खुश होकर मुझसे बोले कि वाह शाबाश बेटा तू तो बड़ा ही होशियार निकला, अब तू चोद दे अपनी मौसी को और इसके जिस्म की आग को बुझा दे। यह तुझे और भी ज्यादा मज़ा देगी। फिर मैंने एक जोरदार धक्का देकर अपना पूरा लंड एक ही बार में अंदर डालकर तेज तेज धक्के देने लगा था 

फिर मुझे यह सब करता हुआ देखकर मौसाजी खुश होकर मुझसे बोले कि वाह शाबाश बेटा तू तो बड़ा ही होशियार निकला, अब तू चोद दे अपनी मौसी को और इसके जिस्म की आग को बुझा दे। यह तुझे और भी ज्यादा मज़ा देगी। फिर मैंने एक जोरदार धक्का देकर अपना पूरा लंड एक ही बार में अंदर डालकर तेज तेज धक्के देने लगा था 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *